घातांक और करणी (Surds and Indices)
सरलीकरण और बीजगणित की बुनियादी शक्तियों पर विजय प्राप्त करें
1. घातांक और करणी
गणित में जब किसी संख्या को उसी संख्या से बार-बार गुणा किया जाता है, तो उसे संक्षिप्त रूप में लिखने के लिए हम घातांक (Indices) का प्रयोग करते हैं। इसके विपरीत, जब किसी संख्या का मूल (Root) निकालना संभव न हो और वह अपरिमेय संख्या (Irrational Number) के रूप में बची रहे, तो उसे करणी (Surds) कहा जाता है।
उदाहरण के लिए:
- 2 × 2 × 2 × 2 × 2 = 25 (यहाँ 2 आधार ‘Base’ है और 5 घातांक ‘Index/Exponent’ है)
- √2, √3, 3√5 करणी (Surds) हैं क्योंकि इनके सटीक मान पूर्णांक या परिमेय संख्या में नहीं निकाले जा सकते।
घातांक के बुनियादी नियम (Laws of Indices):
| नियम का नाम | सूत्र (Formula) | उदाहरण (Example) |
|---|---|---|
| गुणन का नियम | am × an = am + n | 23 × 22 = 23 + 2 = 25 = 32 |
| भाग का नियम | am ÷ an = am – n | 57 ÷ 54 = 57 – 4 = 53 = 125 |
| घात की घात का नियम | (am)n = am × n | (32)3 = 32 × 3 = 36 = 729 |
| शून्य घात का नियम | a0 = 1 (जहाँ a ≠ 0) | 1250 = 1 |
| ऋणात्मक घात का नियम | a-n = 1 / an | 2-3 = 1 / 23 = 1/8 |
| वितरण का नियम | (ab)n = anbn | (2 × 3)2 = 22 × 32 = 4 × 9 = 36 |
करणी के बुनियादी नियम (Laws of Surds):
- n√a = a1/n
- n√ab = n√a × n√b
- n√(a/b) = n√a / n√b
- (n√a)n = a
- m√(n√a) = mn√a
स्मरण रखें: करणी को हल करने के लिए अक्सर हमें हर का परिमेयकरण (Rationalization of Denominator) करना पड़ता है।
2. प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्व
घातांक और करणी गणना की गति (Calculation Speed) को बढ़ाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हथियार है।
- सीधे और अप्रत्यक्ष प्रश्न: SSC (CGL, CHSL), CDS, और विभिन्न राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इस अध्याय से 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
- सरलीकरण (Simplification): बैंकिंग (IBPS, SBI Clerk/PO) परीक्षाओं में सरलीकरण के 5 से 10 प्रश्नों में से अधिकांश में घातांकों के बुनियादी नियमों का परीक्षण किया जाता है।
- बीजगणित (Algebra) की नींव: उन्नत गणित (Advanced Maths) के बीजगणितीय समीकरणों को हल करने के लिए घातांक के नियमों पर मजबूत पकड़ होना अनिवार्य है।
- समय की बचत: जो छात्र बड़ी घातों को छोटे आधारों (जैसे 2, 3, 5) में बदलना सीख जाते हैं, वे कठिन से कठिन प्रश्नों को बिना पेन उठाए हल कर सकते हैं।
3. उदाहरण के साथ प्रश्नों के प्रकार
प्रकार 1: आधार को समान करके ‘x’ का मान निकालना
इस प्रकार में समीकरण के दोनों पक्षों में आधार (Base) को एक जैसा बनाकर घातों की तुलना की जाती है।
समाधान:
2x – 3 = 25 (क्योंकि 32 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 = 25)
चूँकि दोनों तरफ आधार समान (2) है, इसलिए घातों की तुलना करने पर:
x – 3 = 5 ⇒ x = 5 + 3 = 8.
प्रकार 2: करणी का परिमेयकरण (Rationalization)
जब किसी भिन्न के हर (Denominator) में करणी वाली संख्या हो, तो उसे हटाने की प्रक्रिया।
समाधान:
हर के संयुग्मी (Conjugate) यानी (2 – √3) से अंश और हर दोनों में गुणा करने पर:
= [1 × (2 – √3)] / [(2 + √3)(2 – √3)]
सूत्र (a + b)(a – b) = a2 – b2 का उपयोग करने पर:
= (2 – √3) / (22 – (√3)2) = (2 – √3) / (4 – 3) = 2 – √3.
प्रकार 3: अनंत करणी श्रृंखला (Infinite Surds Series)
वर्गमूल के अंदर लगातार चलने वाली अनंत श्रृंखलाएं।
समाधान:
शॉर्टकट विधि: संख्या 12 के ऐसे दो क्रमागत सह-अभाज्य गुणनखंड (Consecutive Factors) करें जिनका अंतर 1 हो:
12 = 4 × 3
चूँकि श्रृंखला में ‘+’ (जोड़) का चिह्न है, इसलिए बड़ा गुणनखंड 4 इसका उत्तर होगा। (यदि ‘-‘ होता, तो उत्तर 3 होता)।
प्रकार 4: करणी की तुलना (Comparison of Surds)
दी गई विभिन्न करणीयों में से सबसे छोटी या सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करना।
समाधान:
दी गई संख्याओं को घातांक रूप में लिखें: 41/3 और 61/4.
घातों के हर (3 और 4) का LCM लें, जो कि 12 है।
दोनों संख्याओं की घातों को 12 से गुणा करें (ताकि वे पूर्णांक बन जाएं):
(41/3)12 = 44 = 256
(61/4)12 = 63 = 216
चूँकि 256 > 216 है, इसलिए 3√4 बड़ी संख्या है।
4. समाधान के साथ 15 अभ्यास प्रश्न
अपनी अवधारणाओं की पकड़ जांचने के लिए नीचे दिए गए प्रश्नों को हल करें। उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखने के लिए “समाधान देखें” बटन दबाएं।
समीकरण में रखने पर: 3x + 8 = (33)2x + 1
⇒ 3x + 8 = 33(2x + 1) = 36x + 3
चूँकि आधार समान है, घातों की तुलना करने पर:
⇒ x + 8 = 6x + 3
⇒ 5x = 5 ⇒ x = 1.
= (256)0.16 + 0.09
= (256)0.25
= (256)1/4 (क्योंकि 0.25 = 25/100 = 1/4)
चूँकि 256 = 44 होता है:
= (44)1/4 = 44 × 1/4 = 41 = 4.
संख्या 30 के दो क्रमागत गुणनखंड (Consecutive Factors) करें:
30 = 6 × 5
चूँकि पूरी श्रृंखला में ‘-‘ (घटाव) का चिह्न है, इसलिए छोटा गुणनखंड इसका उत्तर होगा।
अतः सही उत्तर 5 है।
= (125/8)4/3
हम लिख सकते हैं कि 125 = 53 और 8 = 23, यानी (125/8) = (5/2)3:
= [(5/2)3]4/3
= (5/2)3 × 4/3 = (5/2)4
= 54 / 24 = 625 / 16.
अतः, 5a = 55 ⇒ a = 5.
अब, 5(a – 3) का मान निकालना है:
= 5(5 – 3) = 52 = 25.
= √(8 × 2)
= √16 = 4.
= [1 × (√7 + √6)] / [(√7 – √6)(√7 + √6)]
= (√7 + √6) / [(√7)2 – (√6)2]
= (√7 + √6) / (7 – 6) = √7 + √6.
2x = 22y = 23z
⇒ x = 2y = 3z ⇒ y = x/2 और z = x/3.
दिए गए गुणनफल में रखने पर:
x × (x/2) × (x/3) = 288
⇒ x3 / 6 = 288 ⇒ x3 = 1728
हम जानते हैं कि 123 = 1728 होता है, अतः x = 12.
दोनों तरफ वर्ग करने पर:
y2 = 7 × √(7 √(7 … ∞))
y2 = 7y
चूँकि y ≠ 0, दोनों पक्षों को y से भाग देने पर:
y = 7.
शॉर्टकट: यदि कोई संख्या गुणन रूप में अनंत तक वर्गमूल के अंदर दोहराई जाए, तो उत्तर वही संख्या स्वयं होती है।
अब संख्या 243 = 3 × 3 × 3 × 3 × 3 = 35.
अतः: (35)1/5 = 35 × 1/5 = 31 = 3.
हरों (2, 3, 4) का LCM = 12.
सभी की घात को 12 से गुणा करने पर:
(51/2)12 = 56 = 15,625
(41/3)12 = 44 = 256
(61/4)12 = 63 = 216
स्पष्ट रूप से 15,625 सबसे बड़ा है, अतः √5 सबसे बड़ी संख्या है।
समीकरण में रखने पर:
= 2√2 – √2
= √2 (या लगभग 1.414).
= (xa – b)a + b × (xb – c)b + c × (xc – a)c + a
हम जानते हैं (m – n)(m + n) = m2 – n2 होता है:
= xa2 – b2 × xb2 – c2 × xc2 – a2
आधार समान होने पर गुणा करते समय घातें जुड़ जाती हैं:
= x(a2 – b2 + b2 – c2 + c2 – a2)
= x0 = 1.
समीकरण में रखने पर:
(1/5)3y = (1/5)3 ⇒ 3y = 3 ⇒ y = 1.
अब, (0.25)y का मान:
= (0.25)1 = 0.25 (या 1/4).
यदि सूत्र के बजाय पीछे से हल करें तो:
1. अंतिम पद: √12, पर यहाँ हम क्रमागत वर्गमूल हल करेंगे। इस विशिष्ट परिमित (Finite) वर्गमूल श्रृंखला को हल करने का सूत्र है:
यदि श्रृंखला गुणन में होती तो सूत्र अलग होता। लेकिन जोड़ वाली परिमित श्रृंखला को पीछे से क्रमशः सन्निकटन (Approximation) या मान रख कर ही हल करते हैं:
सबसे भीतरी √12 ≈ 3.46.
2. √(12 + 3.46) = √15.46 ≈ 3.93.
3. √(12 + 3.93) = √15.93 ≈ 3.99.
4. √(12 + 3.99) = √15.99 ≈ 3.999 (लगभग 4 के बेहद करीब)।
अतः इसका मान सन्निकट रूप में 4 ही आएगा।
