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लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) और महत्तम समापवर्तक (HCF)

संख्या पद्धति और गणनात्मक गणित की नींव – अभाज्य गुणनखंडन और विभाजन विधियाँ

1. ल० स० और म० स० 2. परीक्षा में महत्व 3. प्रश्नों के प्रकार 4. अभ्यास प्रश्न

1. LCM and HFC

संख्या पद्धति (Number System) में LCM (ल.स.) और HCF (म.स.) दो अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक उपकरण हैं। इनका उपयोग दैनिक जीवन की समस्याओं जैसे समय अंतराल, घंटियों का एक साथ बजना और मापन की समस्याओं में व्यापक रूप से किया जाता है।

1. महत्तम समापवर्तक (HCF – Highest Common Factor):

दो या दो से अधिक संख्याओं का महत्तम समापवर्तक (HCF/म.स.) वह बड़ी से बड़ी संख्या होती है जो दी गई सभी संख्याओं को पूर्णतः विभाजित (विना कोई शेषफल छोड़े) कर सके। इसे GCD (Greatest Common Divisor) भी कहते हैं।

उदाहरण के लिए: 12 और 18 का म.स. 6 है, क्योंकि 6 वह सबसे बड़ी संख्या है जिससे 12 और 18 दोनों पूरी तरह विभाजित हो जाते हैं।

2. लघुत्तम समापवर्त्य (LCM – Least Common Multiple):

दो या दो से अधिक संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य (LCM/ल.स.) वह छोटी से छोटी संख्या होती है जो दी गई सभी संख्याओं से पूर्णतः विभाजित हो सके।

उदाहरण के लिए: 12 और 18 का ल.स. 36 है, क्योंकि 36 वह सबसे छोटी संख्या है जो 12 और 18 दोनों के पहाड़े (Multiples) में आती है।

महत्वपूर्ण सूत्र और गुण (Key Formulas & Properties):

  • दो संख्याओं के लिए मौलिक नियम: पहली संख्या × दूसरी संख्या = ल.स. × म.स.
  • भिन्नों का ल.स. (LCM of Fractions): अंशों (Numerators) का ल.स. / हरों (Denominators) का म.स.
  • भिन्नों का म.स. (HCF of Fractions): अंशों (Numerators) का म.स. / हरों (Denominators) का ल.स.
  • सह-अभाज्य संख्याएं (Co-prime Numbers): यदि दो संख्याओं का म.स. 1 हो, तो वे सह-अभाज्य कहलाती हैं। ऐसी स्थिति में उनका ल.स. उनके गुणनफल के बराबर होता है।

2. प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्व

ल.स. और म.स. का चैप्टर हर प्रकार की सरकारी एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रारंभिक स्तर में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

  • प्रत्यक्ष प्रश्न भारांक: SSC CGL, SSC GD, RRB NTPC, CSAT और बैंकिंग परीक्षाओं में इससे सीधे 1 से 3 प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • अप्रत्यक्ष अनुप्रयोग (Indirect Applications): समय और कार्य (Time & Work), नल और टंकी (Pipes & Cisterns) जैसे बड़े अध्यायों को हल करने के लिए ल.स. निकालना अनिवार्य है।
  • त्वरित गणना (Fast Calculation): भिन्नों के जोड़-घटाव और सरलीकरण (Simplification) में ल.स. की समझ गति और सटीकता को कई गुना बढ़ा देती है।
  • दैनिक जीवन पर आधारित अनुप्रयोग: ट्रैफिक लाइट, घंटियों के अंतराल, और दौड़ने वाले ट्रैक से जुड़े चुनौतीपूर्ण प्रश्नों का आधार यही विषय है।

3. उदाहरण के साथ प्रश्नों के प्रकार

प्रकार 1: दो संख्याओं के संबंध पर आधारित

सूत्र (पहली संख्या × दूसरी संख्या = ल.स. × म.स.) का सीधा अनुप्रयोग।

उदाहरण: दो संख्याओं का म.स. 12 और ल.स. 72 है। यदि उनमें से एक संख्या 24 है, तो दूसरी संख्या ज्ञात कीजिए।
समाधान:
मान सूत्र में रखने पर:
पहली संख्या × दूसरी संख्या = ल.स. × म.स.
24 × दूसरी संख्या = 72 × 12
दूसरी संख्या = (72 × 12) / 24 = 36.

प्रकार 2: शेषफल पर आधारित ल.स. (LCM with Remainders)

वह छोटी से छोटी संख्या ज्ञात करना जो दी गई संख्याओं से विभाजित होने पर निश्चित शेषफल छोड़े।

उदाहरण: वह छोटी से छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिसे 12, 15 और 20 से विभाजित करने पर प्रत्येक स्थिति में 4 शेषफल बचे।
समाधान:
सर्वप्रथम 12, 15 और 20 का ल.स. निकालें।
12, 15, 20 का ल.स. = 60.
चूंकि प्रत्येक स्थिति में 4 शेषफल बचना चाहिए, इसलिए अभीष्ट संख्या = ल.स. + शेषफल
अभीष्ट संख्या = 60 + 4 = 64.

प्रकार 3: समान शेषफल वाले म.स. प्रश्न (HCF with Same Remainder)

वह बड़ी से बड़ी संख्या ज्ञात करना जो दी गई संख्याओं को इस प्रकार विभाजित करे कि शेषफल समान बचे।

उदाहरण: वह बड़ी से बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे 62, 132 और 237 को विभाजित करने पर समान शेषफल बचे।
समाधान:
जब शेषफल ज्ञात न हो लेकिन समान हो, तो संख्याओं के आपसी अंतर का म.स. निकालते हैं:
|132 – 62| = 70
|237 – 132| = 105
|237 – 62| = 175
अब 70, 105 और 175 का म.स. ज्ञात करें।
70, 105, 175 का म.स. = 35.
अतः वह बड़ी से बड़ी संख्या 35 है।

प्रकार 4: घंटियों / बत्तियों का एक साथ बजना/जलना

अलग-अलग समय अंतरालों पर होने वाली घटनाओं के एक साथ दोबारा घटित होने का समय निकालना।

उदाहरण: तीन घंटियाँ क्रमशः 12, 15 और 18 सेकंड के अंतराल पर बजती हैं। यदि वे एक साथ बजना शुरू करती हैं, तो वे कितने समय बाद पुनः एक साथ बजेंगी?
समाधान:
घंटियों के बजने का अंतराल = 12, 15, 18 सेकंड।
एक साथ दोबारा बजने का समय = 12, 15, 18 का ल.स.।
12, 15, 18 का ल.स. = 180 सेकंड।
180 सेकंड = 3 मिनट। अतः वे 3 मिनट बाद पुनः एक साथ बजेंगी।

4. समाधान के साथ 15 अभ्यास प्रश्न

अपनी तैयारी को परखने के लिए निम्नलिखित प्रश्नों को हल करें। उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखने के लिए “समाधान देखें” बटन पर क्लिक करें।

प्रश्न 1. दो संख्याओं का महत्तम समापवर्तक (HCF) 11 है और उनका लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) 693 है। यदि उनमें से एक संख्या 77 है, तो दूसरी संख्या ज्ञात कीजिए।
सूत्र: पहली संख्या × दूसरी संख्या = ल.स. × म.स.
77 × दूसरी संख्या = 693 × 11
दूसरी संख्या = (693 × 11) / 77
दूसरी संख्या = 693 / 7 = 99.
प्रश्न 2. भिन्नों 2/3, 8/9, 16/81 और 10/27 का लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) ज्ञात कीजिए।
भिन्नों का ल.स. = (अंशों का ल.स.) / (हरों का म.स.)
अंश: 2, 8, 16, 10 का ल.स. = 80
हर: 3, 9, 81, 27 का म.स. = 3
अतः, भिन्नों का ल.स. = 80 / 3 या 26 ⅔.
प्रश्न 3. भिन्नों 2/3, 8/9, 64/81 और 10/27 का महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात कीजिए।
भिन्नों का म.स. = (अंशों का म.स.) / (हरों का ल.स.)
अंश: 2, 8, 64, 10 का म.स. = 2
हर: 3, 9, 81, 27 का ल.स. = 81
अतः, भिन्नों का म.स. = 2 / 81.
प्रश्न 4. चार घंटियां क्रमशः 6, 8, 12 और 18 सेकंड के अंतराल पर बजती हैं। यदि वे एक साथ बजना शुरू करती हैं, तो वे 6 घंटे में कुल कितनी बार एक साथ बजेंगी? (प्रारंभिक बार को छोड़कर)
एक साथ बजने का समय अंतराल = 6, 8, 12, 18 का ल.स. = 72 सेकंड।
6 घंटे को सेकंड में बदलें: 6 × 3600 = 21600 सेकंड।
एक साथ बजने की कुल संख्या (शुरुआती को छोड़कर) = 21600 / 72 = 300 बार।
प्रश्न 5. वह छोटी से छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिसे 12, 15, 20 और 54 से विभाजित करने पर प्रत्येक स्थिति में 8 शेषफल बचता है।
पहले दी गई संख्याओं का ल.स. ज्ञात करें:
12, 15, 20, 54 का ल.स. = 540.
प्रत्येक स्थिति में 8 शेषफल बचना चाहिए, इसलिए:
अभीष्ट संख्या = ल.स. + शेषफल = 540 + 8 = 548.
प्रश्न 6. चार अंकों की वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए जो 15, 25, 40 और 75 से पूर्णतः विभाजित हो जाए।
15, 25, 40, 75 का ल.स. = 600.
चार अंकों की सबसे बड़ी संख्या = 9999.
9999 को 600 से विभाजित करने पर: 9999 / 600 = 16 (भागफल) और 399 (शेषफल)।
पूर्णतः विभाजित होने वाली संख्या = 9999 – 399 = 9600.
प्रश्न 7. दो संख्याओं का अनुपात 3:4 है और उनका महत्तम समापवर्तक (HCF) 4 है। उनका लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) ज्ञात कीजिए।
माना संख्याएं 3x और 4x हैं।
3x और 4x का म.स. = x.
दिया गया है कि म.स. = 4, अतः x = 4.
पहली संख्या = 3 × 4 = 12
दूसरी संख्या = 4 × 4 = 16
12 और 16 का ल.स. = 48.
शॉर्टकट विधि: ल.स. = अनुपातों का गुणनफल × म.स. = 3 × 4 × 4 = 48.
प्रश्न 8. वह सबसे बड़ी संख्या कौन सी है जिससे 1356, 1868 और 2764 को विभाजित करने पर प्रत्येक स्थिति में 12 शेषफल बचे?
चूंकि प्रत्येक स्थिति में 12 शेषफल बचता है, पहले संख्याओं में से 12 घटाएं:
1356 – 12 = 1344
1868 – 12 = 1856
2764 – 12 = 2752
अभीष्ट संख्या = 1344, 1856 और 2752 का म.स. (HCF) होगी।
इनका म.स. ज्ञात करने पर हमें 64 प्राप्त होता है।
अतः, वह सबसे बड़ी संख्या 64 है।
प्रश्न 9. तीन मापने वाली छड़ें क्रमशः 64 सेमी, 80 सेमी और 96 सेमी लंबी हैं। कपड़े की वह न्यूनतम लंबाई (मीटर में) क्या होगी जिसे इनमें से किसी भी छड़ से पूरा मापा जा सके?
न्यूनतम लंबाई के लिए हमें 64, 80 और 96 का ल.स. ज्ञात करना होगा।
64 = 2^6
80 = 2^4 × 5
96 = 2^5 × 3
ल.स. = 2^6 × 3 × 5 = 64 × 15 = 960 सेमी।
लंबाई मीटर में = 960 / 100 = 9.6 मीटर।
प्रश्न 10. दो संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) 495 है और उनका महत्तम समापवर्तक (HCF) 5 है। यदि उन संख्याओं का योग 100 है, तो उनका अंतर ज्ञात कीजिए।
मान लीजिए संख्याएं a और b हैं।
a + b = 100 और a × b = LCM × HCF = 495 × 5 = 2475.
सर्वसमिका (a – b)^2 = (a + b)^2 – 4ab का उपयोग करने पर:
(a – b)^2 = 100^2 – 4 × 2475
(a – b)^2 = 10000 – 9900 = 100.
अतः, अंतर (a – b) = √100 = 10.
प्रश्न 11. वह न्यूनतम वर्ग संख्या (Square Number) ज्ञात कीजिए जो 8, 15 और 20 प्रत्येक से पूर्णतः विभाजित हो सके।
सर्वप्रथम 8, 15, 20 का ल.स. ज्ञात करें:
8 = 2^3, 15 = 3 × 5, 20 = 2^2 × 5.
ल.स. = 2^3 × 3 × 5 = 120.
गुणनखंड रूप में: 2 × 2 × 2 × 3 × 5.
इसे पूर्ण वर्ग बनाने के लिए, हमें अयुग्मित (Unpaired) गुणनखंडों (2, 3, 5) के जोड़े बनाने होंगे:
अभीष्ट वर्ग संख्या = 120 × 2 × 3 × 5 = 120 × 30 = 3600.
प्रश्न 12. 10, 15 और 20 का चतुर्थ समानुपाती ज्ञात करने के बजाय, यदि हम उनके ल.स. और म.स. का अनुपात निकालें, तो अनुपात क्या होगा?
10, 15, 20 का ल.स. = 60.
10, 15, 20 का म.स. = 5.
अनुपात = ल.स. : म.स. = 60 : 5 = 12 : 1.
प्रश्न 13. क्या ऐसी दो संख्याएं होना संभव है जिनका महत्तम समापवर्तक (HCF) 16 हो और लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) 380 हो? कारण स्पष्ट करें।
एक मौलिक नियम यह है कि दो संख्याओं का म.स. (HCF) हमेशा उनके ल.स. (LCM) को पूर्णतः विभाजित करता है।
यहाँ जांच करते हैं: 380 / 16 = 23.75.
चूंकि 16, 380 को पूर्णतः विभाजित नहीं करता है, इसलिए ऐसी दो संख्याएं होना असंभव है।
प्रश्न 14. दो संख्याओं का म.स. (HCF) 23 है और उनके ल.स. (LCM) के अन्य दो गुणनखंड 13 और 14 हैं। दोनों संख्याओं में से बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
संख्याओं का म.स. = 23.
यदि ल.स. के अन्य दो गुणनखंड a और b हैं, तो संख्याएं (HCF × a) और (HCF × b) होती हैं।
पहली संख्या = 23 × 13 = 299.
दूसरी संख्या (बड़ी संख्या) = 23 × 14 = 322.
अतः, बड़ी संख्या 322 है।
प्रश्न 15. वह छोटी से छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिसे यदि 4, 5, 6, 7 और 8 से विभाजित किया जाए तो क्रमशः 3, 4, 5, 6 और 7 शेषफल बचे।
यहाँ भाजक (Divisors) और शेषफल (Remainders) के बीच का अंतर समान है:
(4 – 3) = 1, (5 – 4) = 1, (6 – 5) = 1, (7 – 6) = 1, (8 – 7) = 1.
यह समान अंतर (k) = 1 है।
अभीष्ट संख्या = (4, 5, 6, 7, 8 का ल.स.) – k
4, 5, 6, 7, 8 का ल.स. = 840.
अभीष्ट संख्या = 840 – 1 = 839.
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